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Differences between Mahadevi Verma and meerabai|महादेवी वर्मा और मीराबाई में अंतर

अपने काव्य में विरह वेदना का मर्मस्पर्शी वर्णन करने के कारण छायावादी कवयित्री को आधुनिक मीरा भी कहा जाता है। मीराबाई एवं महादेवी वर्मा के काव्य में बहुत सी समानताएं हैं परंतु फिर भी दोनों के काव्य में अनेक अंतर है- 1. भाषा शैली का अंतर -  मीराबाई का जन्म राजस्थान में होने और वहां पर पली-बढ़ी होने के कारण उनके काव्य में मुख्यतया राजस्थानी भाषा का प्रभाव देखने को मिलता है। साथ ही साथ गुजराती एवं ब्रजभाषा का भी प्रभाव दृष्टिगोचर होता है। हरि आप हरो जन री भीर ।  द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर ।  भगत कारण रूप नरहरि, धरयो आप सरीर । बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुञ्जर पीर |  दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर ।। जबकि महादेवी वर्मा के आरंभिक काव्य में बृज भाषा का उपयोग किया और बाद में खड़ी बोली में सृजन होने लगा । उनके काव्य में तत्सम शब्दों का प्रयोग भी हुआ है। भाषा सरल एवं सहज है  कहीं कहीं पर सूक्ष्म भावनाओं का चित्रण किया  है । 2 काव्य शैली में अंतर - मीराबाई के काव्य की रचना  मुक्तक शैली में हुई है। काव्य में गैयता है...

Similarities in the poetry of Surdas and Tulsidas| सूरदास और तुलसीदास के काव्य में समानता

       भक्ति काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है भक्ति काल का आरंभ 1375 विक्रम संवत से माना जाता है और इसका अंत 1700 को विक्रम संवत में हुआ। हिंदी साहित्य में भक्ति काल अत्यधिक महत्वपूर्ण है इस युग के सभी श्रेष्ठ कवि भक्ति भावना से ओतप्रोत थे।   ‌ सूर ,  तुलसी, मीराबाई , नंददास ,  कबीर इत्यादि इस काल के अति प्रमुख कवि थे । इस काल के कवियों ने राजाश्रय छोड़ दिया था। वे अपने भक्ति भाव में अपने आराध्य देव के प्रति जो कुछ भी उपासना में गुनगुनाते थे उसी की अभिव्यक्ति उनका काव्य है। ‌ भक्ति काल के प्रमुख कवियों में से सूर और तुलसी का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ‌ इनकी प्रशंसा में कहा गया है कि - ‌ सूर सूर तुलसी ससि , उड्डगन केशवदास । ‌ अब के कवि खद्योत सम , जहं-तहं करत प्रकास ।। ‌ इसका अर्थ है कि हिंदी साहित्य आकाश में सूर, सूर्य के समान, तुलसी चंद्रमा के समान एवं केशवदास तारा के समान आकाश में जगमगाते हैं और आजकल के कवि जुगनू के समान है जो जहां तहां प्रकाश कर पाते हैं। ‌ वैसे आज भी यह विवाद का विषय बना हुआ कि सूर सूर्य के समान है या चंद्रमा के ...

Learn Hindi part 3|Types of Hindi words

The part of grammar in which the type, translation and  etymology  of words are considered, is called word thought. Definition of word - Meaningful sound of one or more letters is called 'word . example : जल , वायु , पुस्तक , अक्षर jal, vayu, pustak, akshar water, air, book, letter There are two types of words - 1. Meaningful words, 2. meaningless words. Meaningful words - Words which convey a meaning are called meaningful words. Example - plate. The word denotes a vessel made of any metal of brass or steel, hence 'Thali' is a 'meaningful' word. Examples of meaningful words are 'वायु ' , ('air'),  'पुस्तक' ('book') and  'पानी ' ('water'). Nonsensical words - are called tired subways, which do not convey any specific meaning. Example - 'wanna', vay . Nonsense words are just imitations of sound. Only meaningful words are important in grammar. Syllables - There are many words or sounds in the language which have n...