Best motivational story in Hindi | अपनी राह चलो कहानी
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दूसरी तरफ थॉमस को एडवाइज दी गई कि तुम नदी तैर कर जाना क्योंकि तुम तैरने मैं अच्छे हो नदी तैरकर आसानी से पार कर लोगे। दोनों गांव से निकल गए और एक दूसरे का साथ मिला । दोनों को ही दो रास्ते मिले एक रास्ता पहाड़ की तरफ जाता था और एक रास्ता जंगल की तरफ होता हुआ नदी की तरफ जाता था। जॉनी और थॉमस ने एक साथ एक रात बिताई और बातें की।
थॉमस और जॉनी ने एक दूसरे को बताया कि वह कहां जा रहे हैं। थॉमस ने जॉनी को चढ़ाते हुए बोला कि मैं नदी आसानी से पार कर लूंगा और पहाड़ चढ़ने में मुझे बहुत तकलीफ होगी। तभी जॉनी ने सोचा कि मैं भी नदी से चला जाऊंगा और थॉमस के पीछे पीछे नदी की तरफ चल दिया।
जैसे ही वह नदी के पास पहुंचा थॉमस नदी पार कर कहीं आगे निकल चुका था। लेकिन जॉनी ने नदी में देखा तो उसके अंदर बहुत बड़े-बड़े मगरमच्छ थे लेकिन जॉनी ने सोचा ट्राई करने में क्या जाता है चलो अपन चले चलते हैं। थॉमस के जैसे जैसे चला जैसे ही वह नदी में कूदा लेकिन वहां पर मगरमच्छ थे थॉमस ने तो वैसे ही बचपन से ही मगरमच्छों से लड़ाई की हुई थी और उसे बहुत सारा पानी के अंदर एक्सपीरियंस था इसलिए वह बच कर निकल गया।
लेकिन जॉनी को बिल्कुल भी एक्सपीरियंस नहीं था पानी के अंदर इसलिए वहीं पर अटक गया और उसे मगरमच्छ खा गए।
इस कहानी के अंदर दोनों के पास एक जैसी स्किल थी मंजिल एक थी रास्ते अलग अलग थे । अगर दोनों अपने अपने रास्ते पर अच्छे तरीके से चलते सकता था जॉनी भी शहर में अच्छे तरीके से पहुंच जाता लेकिन उसने अपना रास्ता छोड़ दिया दूसरे को देखकर।
इसलिए आप रास्ते को मत बदलिए दूसरे को देखकर । क्योंकि कोई भी रास्ता सरल नहीं होता नया दोनों में ही थी फर्क इतना था कि जॉनी अपने रास्ते पर नहीं चला जॉनी अपने रास्ते से भटक गया। आप भी अपने रास्ते से मत भटकिए चलते रहिए।
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