दूरियां कविता

duriyan-kavita



काम वही करिए जो आपका मन करता है


क्योंकि इंसान केवल अपनी मौत से डरता है


कहने और सुनने में फर्क होता है


बिना मन से किया काम नर्क होता है



पाबंदियां सब पर होती हैं लेकिन 


 वह भी टूट जाती है जब किसी की चाह होती है


किसी ने सच ही कहा है कि


दूर के संबंध मजबूत होते हैं


लेकिन हमें पता चला कि वे लोग बड़े बदनसीब होते हैं


अपनों के करीब होकर भी दूर रहते हैं


  पता नहीं कब मुलाकात होगी


अभी तो केवल बात होगी।

द्वारा लिखित -सुपर सी. एम.